रागों के साथ गीत संग्रह

प्रभु में प्रिये मित्रो,

छोटानागपुर डायोसिस के वर्तमान बिशप राईट रेवेरेंड बी.बी. बास्के की अनुमति से “रागों के साथ गीत संग्रह” के गीतों  को प्रकाशित कर रहा हूँ। आज से लगभग साठ वर्ष पूर्व  प्रभु की एक दासी सुश्री लेस्ली ने मुझे ‘स्टाफ नोटेशन’ और ‘टोनिक सोल्फा’ की शिक्षा दी और सन्त पौल कथीड्रल के कोयर में गाने के लिये मुझे अवसर दिया। उन दिनों के कोयर दल के चारों आवाज ( सुप्रानो, आल्टो, टेनर और बास)  उपासकों के हृदय में भक्तिपूर्ण कम्पन पैदा कर देते थे। उन दिनों की स्मृति में मैं प्रभु की सहायता से कोशिश करना चाहता हूँ कि आज भी एक नहीं वरन अनेक वैसा गायक दल का गठन हो और उन चार सुरों की पुनरावृति पूरे डायसीस में हो  जाय।

इन्हीं विचारों से प्रेरित हो कर मैं ने टोनिक सोल्फा में गीतों के राग सहित गीत संग्रह के उन गीतों को जो सी एन. आई की कलीसिया में  मुख्यतः गाई जाती है, छपवाने का निर्णय लिया। सन 2010 मैं ने कई स्कूली बच्चों को टोनिक सोल्फा द्वारा ओर्गन बजाना सिखाया। मैं आश्चर्यचकित रह गया कि वे एक सप्ताह के अन्दर ही  चर्च में बजाने के लायक हो गये । उनकी सहायता के लिये मैं ने कुछ ही दिनों के भीतर पूरी गीत संग्रह को टोनिक सोल्फा में लिख डाला और उन सब को एक एक प्रतिलिपि उपलब्ध कराया। 2011 से 2019 तक  दुर्गापुर डायसीस में प्रेस्बिटर का कार्य करते हुए मैं ने कई पस्तरेतों मे ओर्गनिस्ट तैयार किया और जितनों ने यह विद्या सीखी उन्होंने औरों को भी सिखाया। अब तक  लगभग 50 से 60 लोग टोनिक सोल्फा के जानकार हो गये हैं ।

अब हमारा लक्ष्य यह है कि हम इस वर्ष नवम्बर माह के अन्त तक प्रभु की सहायता से विभिन्न मन्डलियों में कम से कम 400 लोगों को टोनिक सोल्फा सिखायेंगे जो अपनी मंडलियों में दूसरों को सिखायेंगे और अनेक गायक दल बना कर अनुशासित ढंग से प्रभु की स्तुति में योगदान दे सकेंगे। टोनिक सोल्फा सीख लेने पर आप कोई भी वाद्य यंत्र बजा सकेंगे। शिक्षा का यह कार्य मोबाईल द्वारा भी चलाया जायगा।सीखने की तीब्र इच्छा हो तो आप तीन या चार दिनों में सीख जायेंगे। गीत की इस सेवकाई को कृपया अपनी प्रार्थना में स्मरण करें।

Rt. Rev. O.K. Tirkey

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